रेल के क्षतिपूर्ति के लिए दावा करने के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना
रेल से क्षतिपूर्ति हेतु आवश्यक कागजातः
जब कोई ब्यक्ति माल,पार्सल कार्यालय स्टेशन पर लगेज बुक्ड कार्यालय से सुपूर्दगी नही होने के भी क्षति आदि के लिए दावा करने हेतु.
रेल से क्षतिपूर्ति हेतु आवश्यक कागजात
जब कोई व्यक्ति माल,पार्सल कार्यालय एवं स्टेशन पर लगेज बुक कार्यालय से सुपुर्दगी नही होने पर भी क्षति आदि के लिए दावा करने हेतु दावेदार को बुकिंग विवरणि अर्थात बीजक/आर/पी डबल्यू बिल/लगेज टिकट संख्या स्टेशन से एवं स्टेशन का और दावा विवरणी जमा करना होगा।सुपुर्दगी बही होने की स्थिति में दावेदार को अपने दावाकेसमर्थन में मूल रेल रसीद एवं बीजक अवश्य लाना होगा।कमी क्षति टूटने या रिसाव होने की स्थिति में दावेदारको स्टेशन प्रबंधक/सक्षम प्राधिकारी/संबंधित कर्मचारी द्वारा सुपुर्दगी के समय दिए गए प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।आगे यदि दावा प्रेषक द्वारा अधिमत की जाती है तो प्रेषक को दावा दिये जाने के रूप में प्रेषिती से मिले प्राधिकार पत्र देना होगा।यदि दावा किसी बीमा कम्पनी द्वारा अधिमत की जाती है तो........................रेल अधिनियम 1989के सेक्शन 106केसंदर्भ दावेदार से निवेदन हैकि वे समान बुकिंग होनेसे 6 माह के भीतर संबंधित दावा कार्यालय के उल्लिखित फार्मेट में अपना दावा कर रेल अधिनियम 1989 के सेक्शन 103 के तहत प्रेषक को प्रेषण का कीमत घोषित करना चाहिए तथा आधिक्य कीमत पर प्रतिशत शुल्क (चार्ज)अदा करें ताकि घोषित प्रेशण के वास्तविक मूल्य के बराबर क्षतिपूर्ति के योग्य हो अन्यथा दावेदार को क्षतिपूर्ति र्त मिलेगा वशर्ते समान के लिए अधिक से अधिक 100 रूपए प्रति किलो दर का हो तथा अन्य सामान के लिए 50 रू0 प्रति किलो दर का हो।
वेवसाइट द्वारा क्षतिपूर्ति के ए दावा रजिस्टर कैसे बनाएँ
ग्राहक को अपने माल की क्षतिपूर्ति के लिए दावा करने हेतु वेवसाईटकी सुविधा प्रदान की गई है जो ये है utta://www.claims.indianrail.gov.in
रजिस्ट्रेशन के बाद दावेदारको दावा रजिस्ट्रेशन की तिथि से 10दिन के भीतर सभी वांछित कागजात देना होगा विफल होने पर मामले का समाधान हेतु आगे नहीं बढाया जायेगा ।ग्राहक अपने दावा क्षतिपूर्ति एवं रिफन्ड मामला की स्थिति के बारे में भी पूछताछ कर सकता है।
गाड़ी दुर्घटना या..............की स्थिति में यात्री के मृत्यु घायल होने की स्थिति में क्षतिपूर्ति दावा के संबंध में महत्त्वपूर्ण सूचना
रेल अधिनियम1989के सेक्शन124के तहत गाड़ी दुर्घटना में मृत घायल यात्री का क्षतिपूर्ति देने के लिए रेल उत्तरदायी है.................................
वशर्ते कि इस सेक्शन के तहत रेल प्रशासन द्वारा कोई क्षतिपूर्ति नही दि जाएगी यदि यात्रि की मृत्यु या घायल होने के कारण
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आत्महत्या या उसके द्वारा आत्महत्या का प्रयास किया गया
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खुद अपने शरीर मे घाव किया हो
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उसका अपना ही अपराधी मृत्यु हो
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नशे या बेहोशी की स्थिति मेंखुद के द्वारा किया गया काम जैसे आतंकवदी मृत्यु,घातक आक्रमण,लूट,दंगा,शूटआउट या किसी व्यक्ति द्वारा रेल में आग लगाते या रेलटेसन परिसर में ऐसा करने या यात्री द्वारा गाड़ी से अचानक गिरने की स्थिति।
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बीमारी का कोई स्वाभाविक कारण हो या चिकित्सा या सर्जिकाल इलाज चल रहा हो नहीं तो इस प्रकार का इलाज कथित अप्रिय घटना के कारण कराना आवश्यक हो गया हो।
क्षतिपूर्ति के लिए रेल का उत्तरदायित्व
रेलवे रेल अधिनियम 1989 के सेक्शन 124 के तहत परिभाषित नियम के अनुसार रेल दुर्घटना में जिनकी मृत्यु/घायल हो जाती है उसे क्षतिपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी है। उसी प्रकार रेल अधिनियम के सेक्शन 124ए के तहत परिभाषित किसी अप्रिय दुर्घटना में मृत्यु/घायल यात्री को एवं प्लेटफार्म टिकट वाले को रेल क्षतिपूर्ति देने के लिए उत्तरदायी है......
नोट आगे केलिए ऊपर वाला पैरा देखें.............................
आवेदान करने के लिए प्रकिया
रेल अधिनियम 1909 के 124 या 124 ए के तहत क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन घटना घटने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर ही उल्लिखित फार्मेट में जँहा से यात्रा पास या टिकट खरीदा हो या जँहा अप्रिय घटना घटी हो वहां पे कर सकते हैं ट्रिबुनल में दावा करने के लिए फी रेल दाव ट्रिबुनल में दुर्घटना या अप्रिय घटना के लिए दावा करने हेतु कोई फी नही लगेगा।
भाड़ा वापस करने के संबंध सें सूचना
स्टेशनमास्टर द्वारा भाड़ा वापसी